भाषा
संस्कार है।
हिंदी केवल एक भाषा नहीं है, यह हमारी संस्कृति की आत्मा है। एक शिक्षक के रूप में, मेरा उद्देश्य विद्यार्थियों में केवल व्याकरण का ज्ञान भरना नहीं, बल्कि उन्हें साहित्य की गहराई और भाषा की सौंदर्यबोध से जोड़ना है।
पिछले 16 वर्षों में, मैंने आधुनिक शिक्षण विधियों और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके हिंदी को नई पीढ़ी के लिए रोचक और प्रासंगिक बनाया है।
HOD हिंदी विभाग
मॉडर्न स्कूल, बाराखंबा रोड, दिल्लीकक्षा 11-12 के लिए हिंदी कोर और इलेक्टिव पाठ्यक्रम का प्रबंधन। वार्षिक 'साहित्य उत्सव' का आयोजन और नेतृत्व।
वरिष्ठ हिंदी शिक्षिका
मेयो कॉलेज, अजमेरबोर्ड परीक्षाओं में लगातार 100/100 परिणाम देने का रिकॉर्ड। रचनात्मक लेखन कार्यशालाओं का संचालन।
PGT हिंदी
केंद्रीय विद्यालय, कोच्चिहिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए भाषाई विनिमय कार्यक्रमों का नेतृत्व।
हिंदी व्याकरण एवं साहित्य
रचनात्मक लेखन (Creative Writing)
पाठ्यक्रम रूपरेखा (Curriculum)
बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन
Ph.D. हिंदी साहित्य
B.Ed
राष्ट्रपति पुरस्कार - सर्वश्रेष्ठ शिक्षक 2023
साहित्य अकादमी युवा सम्मान (नामांकन)
“अंजलि मैम ने हिंदी को बोरिंग विषय से बदलकर मेरा पसंदीदा विषय बना दिया।”
— ईशान के., विद्यार्थी“साहित्य की समझ और पढ़ाने का लहजा अतुलनीय है।”
— प्राचार्य, मॉडर्न स्कूलडिजिटल युग में हिंदी का महत्त्व
कैसे तकनीक हिंदी भाषा के प्रचार में एक वरदान सिद्ध हो रही है।
कविता का मौन संगीत
निराला और महादेवी वर्मा की रचनाओं के बीच एक तुलनात्मक विश्लेषण।